
करनैलगंज(गोंडा) ।केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना, जिसका उद्देश्य गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, अब कुछ स्थानों पर विवादों और दबंगई की छाया में घिरती नजर आ रही है। ताजा मामला कर्नलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नारायणपुर मांझा पूरे चिथरिहा का है, जहां एक पात्र लाभार्थी का आशियाना बनने से पहले ही रुक गया है। यहां के निवासी पीड़ित बदलू ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उसकी बहू के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ, और पहली किस्त की धनराशि भी उसके खाते में आ गयी। जिससे वह अपनी निजी भूमि, गाटा संख्या 2712(ग) पर वैध रूप से मकान का निर्माण कार्य करवाने लगी। लेकिन निर्माण कार्य शुरू होते ही सकरौरा नगर निवासी कुछ लोगों द्वारा लगातार बाधाएं उत्पन्न किया जाने लगा। पीड़ित ने बताया की आरोपी अपने परिजनों के साथ मिलकर बल पूर्वक निर्माण कार्य में हस्तक्षेप करने लगे। पीड़ित की शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश करते हुए रिपोर्ट लगा दिया।
जिससे स्पष्ट हो गया की पीड़ित परिवार अपने नाम दर्ज कागजात भूमि गाटा संख्या 2712(ग) में निर्माण कर रहा है। जबकि आरोपी पक्ष की भूमि गाटा संख्या 2721 व 2722 है। इसके बावजूद आरोपी पक्ष निर्माण कार्य में बाधा डाले हुए है। अब आरोपी पक्ष अपने परिवार की महिलाओं को ढाल बनाकर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है। इस मामले ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में गरीबों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय रहते इस मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो योजना का उद्देश्य प्रभावित होगा। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।





